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Reuters की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी सैन्य शोधकर्ताओं ने OpenAI और Anthropic के AI मॉडल के आउटपुट का इस्तेमाल कर घरेलू रक्षा AI सिस्टम विकसित किए। जानिए पूरा मामला।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है। अब इस दौर में एक नई अंतरराष्ट्रीय जांच रिपोर्ट ने रक्षा और भू-राजनीति की दुनिया में भारी हलचल मचा दी है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters की एक विशेष पड़ताल में दावा किया गया है कि चीन के सैन्य शोधकर्ताओं ने अमेरिका की प्रमुख AI कंपनियों OpenAI और Anthropic के मॉडलों से प्राप्त आउटपुट का उपयोग करके अपने घरेलू रक्षा AI सिस्टम तैयार किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग चीन की सैन्य क्षमताओं और इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

Reuters की जांच में क्या सामने आया?

Reuters ने 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित 80 से अधिक चीनी शोध पत्रों और आधिकारिक पेटेंट दस्तावेजों की गहन समीक्षा की। इन दस्तावेजों में ऐसे स्पष्ट उदाहरण मिले, जिनमें अमेरिकी AI मॉडलों से प्राप्त डेटा और लॉजिक का उपयोग चीन के स्थानीय AI मॉडल तैयार करने के लिए किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि इस पूरी प्रक्रिया में Model Distillation नामक तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया।

क्या होती है Model Distillation तकनीक?

Model Distillation एक ऐसी उन्नत AI प्रक्रिया है, जिसमें पहले से प्रशिक्षित और अत्यधिक सक्षम सुपर-एआई मॉडल (जैसे GPT-4 या Claude) के उत्तरों, रीज़निंग और निर्णय लेने के तरीकों का विश्लेषण करके एक छोटा, कॉम्पैक्ट और हल्का AI मॉडल तैयार किया जाता है।

  • कम लागत: नए मॉडल को चलाने के लिए भारी भरकम और महंगे सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं होती।
  • ऑफलाइन और लोकल इस्तेमाल: इसे सीधे सैन्य उपकरणों, ड्रोन या नेटवर्क के भीतर बिना इंटरनेट के भी चलाया जा सकता है।

ड्रोन से लेकर साइबर युद्ध तक इस्तेमाल

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की People's Liberation Army (PLA) और उससे जुड़े कई शीर्ष सैन्य संस्थानों ने इस तकनीक का उपयोग अलग-अलग रक्षा परियोजनाओं में किया है।

साल 2024 के एक शोध पत्र के अनुसार, चीन की National University of Defense Technology ने Model Distillation का उपयोग करके एक इमेज प्रोसेसिंग AI मॉडल को इतना छोटा बनाया कि उसे मानव रहित कॉम्बैट ड्रोन में आसानी से लगाया जा सके। इससे ड्रोन वास्तविक समय (Real-Time) में वीडियो का विश्लेषण कर सकते हैं और दुश्मन के सिग्नल जैमर से संचार बाधित होने की स्थिति में भी नेविगेशन तथा लक्ष्य पहचान जैसे महत्वपूर्ण फैसले लेने में सक्षम रहते हैं।

GPT-3.5 का भी सैन्य कार्यों में उपयोग

रिपोर्ट में बीजिंग स्थित PLA Unit 96941 के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए एक गोपनीय दस्तावेज का उल्लेख है। यह यूनिट सैन्य खुफिया (Military Intelligence) और साइबर युद्ध से जुड़ी मानी जाती है। दस्तावेज के अनुसार, शोधकर्ताओं ने OpenAI के GPT-3.5 मॉडल का उपयोग संवेदनशील सैन्य सोर्स कोड को समझने और उसका सार तैयार करने के लिए किया। इसके बाद उन्हीं सारांशों के आधार पर एक स्थानीय सुरक्षा AI मॉडल तैयार किया गया, जिसे चीन के क्लोज्ड मिलिट्री नेटवर्क के भीतर सुरक्षित रूप से चलाया जा सके।

Anthropic की प्रतिक्रिया

अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने स्पष्ट किया कि वह चीन में अपने Claude AI मॉडल की कोई व्यावसायिक सेवा उपलब्ध नहीं कराती। कंपनी ने चेतावनी दी कि Distillation के जरिए तैयार किए गए मॉडल मूल एआई सिस्टम की सुरक्षा सीमाओं (Safety Guardrails) को पूरी तरह बनाए नहीं रख पाते। इससे संवेदनशील AI क्षमताएं ऐसे सिस्टम तक पहुंच सकती हैं, जिन पर मूल डेवलपर का कोई नियंत्रण नहीं रहता।

निष्कर्ष

Reuters की इस रिपोर्ट ने AI तकनीक, राष्ट्रीय सुरक्षा और बौद्धिक संपदा अधिकारों (IP Rights) से जुड़े कई नए और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका और चीन के बीच आगामी एआई सुरक्षा वार्ताओं में यह मुद्दा प्रमुखता से उठने के आसार हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: Model Distillation क्या है?
यह ऐसी तकनीक है जिसमें बड़े AI मॉडल के उत्तरों और निर्णय प्रक्रिया का उपयोग करके छोटे और कम खर्चीले AI मॉडल तैयार किए जाते हैं।

Q2: Reuters की रिपोर्ट में क्या मुख्य दावा किया गया है?
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ चीनी सैन्य शोधकर्ताओं ने OpenAI और Anthropic के AI मॉडल से प्राप्त आउटपुट का उपयोग कर घरेलू रक्षा AI सिस्टम विकसित किए।

Q3: क्या Distillation से मूल एआई जैसी क्षमता मिलती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, नहीं। Distillation से कुछ विशेष क्षमताएं स्थानांतरित की जा सकती हैं, लेकिन नया मॉडल मूल एआई जितना शक्तिशाली नहीं होता।

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